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Dost ki biwi ki jabardast chudai

हैल्लो दोस्तों, आज सुबह ही अभिषेक की वाईफ का फोन आया था, वो बता रही थी कि आज मेरी एम.सी. आ गई है, तो में बोला कि वो तो सबका होता है। लेकिन उसने बताया कि जब उस रात मैंने उसकी चुदाई की थी, तो उसकी इच्छा थी कि वो मेरे जैसे एक सुंदर बच्चे को जन्म दे और जब मैंने अपने लंड का पानी उसकी चूत में डाला था, तो उसे बहुत उम्मीद थी। तो तभी मेरे दिमाग में उस रात का हर पल याद आने लगा।Dost ki biwi ka jabardast chudai ki kahani  अब में आरू की दो बार चुदाई करके थक गया था और फिर अपने कमरे में जाकर सो गया। अब मुझे अभी 1 घंटा भी नहीं हुआ था, तो तभी मैंने अपने चेहरे पर गर्म साँसे महसूस की जिससे मेरी नींद खुल गयी और मैंने देखा कि आरू अपनी बड़ी हॉट नजरों से मुझे किस कर रही थी और उसका हाथ मेरे लंड की तरफ जा रहा था। अब उसने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ लिया था। फिर मैंने पूछा कि अभिषेक कहाँ है? तो उसने बताया कि अब वो 8 बजे से पहले नहीं जागेंगे, बस फिर मैंने उसे अपनी बाँहों में समेट लिया और उसे चूमने लगा।

फिर तभी आरू बोली कि अनिल जो करना है करो और दरवाजा बंद कर दो। फिर तभी मैंने लाईट ऑन की और दरवाजा बंद कर दिया। फिर में आरू के पास आ गया और उसके कपड़े उतार दिए। अब वो सिर्फ़ ब्रा में थी और अब उसके वो दो बड़े-बड़े बूब्स उसकी ब्रा में से बाहर आना चाहते थे। अब उसकी ब्रा उतर गयी थी और उसके बूब्स झट से उभरने लगे थे, आह्ह्ह क्या सेक्सी बूब्स थे उसके? फिर में उसके एक-एक बूब्स को बारी-बारी अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब नीचे मेरा एक हाथ उसकी चूत को सहला रहा था। फिर मैंने उसकी चूत के दाने पर अपनी एक उंगली रखी, तो वो पागल हो गयी।

फिर मैंने उसकी चूत के दाने को हिलाया, तो तभी आरू बोली कि आहह अनिल जान निकाल दी, क्या कर रहे हो? अब वो पागल हो रही थी। अब मैंने सिर्फ़ अंडरवेयर पहनकर रखी थी और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने वो भी उतार दी, तो मेरा फनफनाता 7 इंच का मोटा लंड बाहर निकल आया, तो आरू तो उसको देखते ही रह गयी। फिर मैंने उसके बालों की क्लिप को निकाल दिया, तो उसके वो सेक्सी बाल खुले हो गये। फिर मैंने आरू के दोनों पैरों को फैला दिया और उसकी चूत में मेरी जीभ डाल दी और उसको चाटने लगा, आहह क्या नमकीन थी उसकी चूत? वैसे भी उसकी चूत बहुत गीली हो गयी थी। अब मुझे उसकी चूत चाटने में और मज़ा आ रहा था।अब आरू तो पागल हो चुकी थी और आ, आआआअ, चाटो मेरी चूत को, पी जाओ मेरा सारा पानी, आहह में पागल हो जाउंगी, हाईई, पहली बार किसी मर्द ने उसकी चूत को ऐसे चाटा था।

अब में आरू की चूत को और जोर-जोर से से चाटने लगा था, उम्म्म, मच, मच, मच, मच। फिर में उसके ऊपर आ गया और उसकी चूत में अपनी एक उंगली करने लगा, तो वो पागल हो गयी उम्म्म्म, आह, आआआअ, चोदो इस चूत को, आहह। फिर मैंने आरू से कहा कि रानी चलो अब अपने अनिल के लंड के साथ खेलो। तो उसने मेरा लंड अपने हाथ में थाम लिया और उसको हिलाने लगी। अब उसके रेशमी बाल मेरे बदन पर नाच रहे थे, तो वैसे ही मेरे अंदर आग लग रही थी। अब वो मेरे लंड को हिला रही थी। फिर उसने मेरे लंड को हिलाते-हिलाते अपनी जीभ मेरे पेट के ऊपर रखी और धीरे से चाटने लगी। फिर उसने मेरे लंड को अपने दोनों बूब्स में पकड़ा और उसको जोर-जोर से हिलाने लगी। अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब उसके रेशमी बाल मेरे पेट के ऊपर थे और हिल रहे थे, जिससे मुझे गुदगुदी हो रही थी।फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया। अब आरू उसे पागलों की तरह चाटने लगी थी। अब आरु उसको अपने मुँह में हिला रही थी और उसको चाट रही थी, चूस रही थी।

अब वो पूरी तरह से पागल हो चुकी थी आहह, क्या हसीन अनुभव था वो? उम्म्म। अब वो और जोर-जोर से मेरे लंड को चूसने लगी थी। फिर मैंने उससे बोला कि आरू बाहर निकाल दो, अब मेरा झड़ने वाला है। तो उसने उसे और ज़ोर से अपने मुँह में दबाया और ज़ोर-जोर से चूसने लगी। अब मेरा लंड उसके मुँह में ही झड़ गया था। अब मेरे लंड का सारा पानी उसके होंठो पर और गालों पर बिखरा पड़ा था। फिर 10 मिनट तक वो उसको वैसे ही चूसती रही, तो मेरे में फिर से जान आ गयी और वो फिर से फनफनाने लगा।

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फिर मैंने उसको नीचे लेटाया और उसके दोनों पैरों को फैलाया, तो वो बोली कि अनिल धीरे-धीरे तुम्हारा लंड बहुत मोटा है, में पहली बार मोटा लंड ले रही हूँ। फिर मैंने कहा कि ठीक है रानी और फिर मैंने उसकी चूत को फैला दिया और मेरा मोटा 7 इंच का लंड उसकी चूत के मुँह पर रख दिया और एक धीरे से झटका दिया। तो वो एकदम धीरे से चीखी आहह। दोस्तों ये कहानी आप ९९ हिन्दी स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब मेरे लंड के टोपा उसकी चूत के अंदर जा चुका था। फिर मैंने उसके मुँह पर अपना एक हाथ रख दिया और इतनी ज़ोर से झटका मारा कि मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। अब वो बहुत ज़ोर से चीखने का प्रयास कर रही थी, लेकिन मेरा हाथ उसके मुँह पर था इसलिए उसकी आवाज़ अंदर ही दब गयी थी। अब उसकी चूत में मेरा पूरा लंड घुस चुका था और उसे बहुत मज़ा आ रहा था। तो तभी आरू बोली कि बहुत दर्द हो रहा है, तुम मुझे दो बार चोद चुके हो, लेकिन फिर भी ऐसा लग रहा है की पहली बार तुम्हारा लंड ले रही हूँ। फिर मैंने धीरे-धीरे झटके लगाने शुरू किए।

अब वो जोश में आ रही थी, अब उसको बहुत मज़ा आ रहा था आहह, उम्म्म्म, ऊम्मम्म, चोदो मुझे, फाड़ डालो मेरी चूत को, आह अनिल, मेरे राजा चोदो मुझे, आहह अनिल फाड़ दो मेरी चूत को, हाईई चोद डालो अपनी इस भाभी को, फाड़ डालो मेरी चूत को, उम्म, आहह। अब धीरे-धीरे मेरा जोश भी बढ़ रहा था, अब में उसको ज़ोर-ज़ोर से झटके लगा रहा था। फिर 15 मिनट के बाद वो झड़ गयी, तो मुझे उसकी चूत में गीलापन महसूस हुआ। अब वो शांत हो गयी थी, लेकिन मेरे झटके लगाना चालू ही था। फिर 5 मिनट के बाद वो फिर से जोश में आ गयी और फिर मेरा देने लगी। अब में उसे चोद रहा था। फिर 15 मिनट के बाद मेरा लंड झड़ने को आया, तो वो बोली कि मेरी चूत में ही अपने लंड का पानी निकाल दो अनिल। फिर तभी मैंने मेरा पानी छोड़ दिया आहह, ऊहह, उम्म, मुझे बहुत मज़ा आया था। अब आरू बहुत खुश नजर आ रही थी। Dost ki biwi अब में और वो उस रात 3 बार चुदाई कर चुके थे। अब उसे बहुत आनंद आ रहा था। अब दूसरे दिन वो बहुत खुश नजर आ रही थी। अब हम दोनों को बहुत मज़ा आया था। फिर उस रात मैंने उसकी जमकर चुदाई की और अब हमें जब कभी भी कोई मौका मिलता है, तो हम खूब चुदाई करते है ।

Updated: June 14, 2017 — 5:56 pm

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