क्या रसीली माल थी वोह

प्रेषक : सुधान्सू…

kya rasila maal ……….

हैल्लो दोस्तों, में सुधान्सू और मेरी आदत बड़ी उम्र की औरतों की चूत और गांड मारने की हो चुकी थी, लेकिन बुआ की 2 जवान और खूबसूरत लड़कियाँ भी मुझसे चुदवाना चाहती थी और वो दोनों कभी-कभी मुझे अश्लील इशारा भी करती थी, लेकिन में नजर अंदाज़ कर देता था।

फिर दूसरे दिन रात को बुआ खुद ही अपनी चूत लेकर आई और अब तो वो भी मेरी तरह ही खुलकर बातें करती थी। फिर वो मेरी लुंगी को खींचते हुए बोली कि लल्ला कल तो तूने आग लगाकर छोड़ दिया था, लेकिन आज तो तुझे मेरी चूत की प्यास बुझानी ही पड़ेगी। फिर मैंने उनकी झांटो से भरी चूत अपने हाथ से फैलाकर एक चुम्मा ले लिया। फिर मेरी बुआ सिसक पड़ी आआआआअहह राजा तेरे साथ चुदवाने में यही तो मज़ा आता है कि तू पूरा मज़ा देकर चोदता है, जबकि तेरे फूफा जी खाली टांगे उठाकर चोदना जानते है, वो कभी-कभी तो कपड़े भी नहीं उतारते है और बस ऐसे ही ऊपर से चोद देते है। फिर तभी मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में घुसेड़ दी और अपनी जीभ को घुमाने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद ही उनकी चूत से पानी निकल आया, तो में अपना एक हाथ उनकी भारी और उभरी हुई गांड पर फैरने लगा। फिर तब वो चीख पड़ी और बोली कि लल्ला इरादा क्या है?

फिर मैंने कहा कि जब से तेरी गांड देखी है मैंने तब ही सोच लिया था कि तेरी गांड ना मारी तो कुछ नहीं किया। फिर ये बात सुनकर बुआ डर गयी और बोली कि बेटा ऐसी बात मत करो, मैंने आज तक गांड नहीं मरवाई है और मेरी एक सहेली जिसका पति बिना उसकी गांड मारे सोता नहीं है, वो बता रही थी कि गांड मरवाने में बहुत दर्द होता है, जबकि उसके पति का लंड तो सिर्फ़ 6 इंच का है और तेरा मूसल तो पूरा 8 इंच लंबा है, ना बाबा ना में तो गांड कभी नहीं मरवाऊंगी, तुम चाहो तो जैसे भी मेरी चूत 4-5 बार चोद लो, लेकिन में गांड नहीं मरवाऊंगी। फिर मैंने कहा कि नहीं बुआ आज तो तेरी गांड ही मारूँगा और फिर मैंने उन्हें बिस्तर पर धकेल दिया और उनके संभलने से पहले ही उनकी पीठ पर चढ़ गया और उनकी गांड को सहलाने लगा।

अब बुआ बहुत ज़्यादा विरोध कर रही थी और एक तरह से गिड़गिडा रही थी कि बेटा में हाथ जोड़ती हूँ मुझे जाने दो, मेरी गांड मत फाड़ो, बहुत दर्द होगा, लेकिन अब में तो पूरा पागल हो चुका था। फिर में उनकी गांड पर अपने एक हाथ से सहलाने लगा और कभी-कभी चुटकी भी काट लेता था। अब उनका विरोध कुछ कम हो रहा था, लेकिन वो बहुत डरी हुई थी और अपने ऊपर से मुझे हटाने की पूरी कोशिश कर रही थी। फिर तब ही मैंने उनकी गांड पर बहुत ज़ोर से अपना एक हाथ मारा, तो उनकी फूली हुई गांड लाल हो गयी। फिर तब मैंने एक हाथ और मारा, तो चटाक की आवाज के साथ ही बुआ की चीख निकल पड़ी और वो बोली कि लल्ला मार क्यों रहे हो? तो मैंने कहा कि तू चिल्ला बहुत रही है ना रंडी, आज देख तेरी गांड का क्या हाल करता हूँ? और फिर मैंने बहुत सारा थूक उनकी गांड पर थूक दिया और अपने लंड से सहलाने लगा। अब उनकी लाल-लाल गांड पर मेरा थूक बहुत अच्छा लग रहा था। फिर तब ही में उनके ऊपर से उठ गया और उनको किसी कुतिया की तरह दोनों हाथों और घुटनों के सहारे खड़ा किया और उनके पेट के नीचे 2 तकिये लगा दिए, जिससे कि मेरा धक्का खाने के बाद वो बेड पर ना पसर जाए और मेरा मज़ा किरकिरा ना हो जाए।

फिर तभी बुआ ने कहा कि लल्ला देख में आज ज़िंदगी में पहली बार गांड मरवाने जा रही हूँ तो प्लीज धीरे-धीरे अपना लंड घुसेड़ना और हो सके तो पूरा लंड मत घुसेड़ना। फिर मैंने उनका मन रखने ले लिए कह दिया कि जी बुआ, आप बिना वजह डर रही है अगर आपको तकलीफ़ होगी तो में अपने आधे लंड से ही काम चला लूँगा और उनकी गांड को अपने दोनों हाथों से फाड़कर अपने लंड की टोपी को उनकी गांड पर रखकर लाल छेद से भिड़ाया और एक धक्का मारा तो मेरा 3 इंच लंड अंदर घुस गया। फिर तभी बुआ की चीख निकल पड़ी आआआअहह, उूउउईईईई, आआहह मार डाला, आआआआअहह निकालो साले, मादरचोद, बहुत दर्द हो रहा है, आआआआआआहह, भोसड़ी के साले निकाल लल्ला, अपनी माँ की गांड मार लेना, आआआआहह।

फिर तभी मुझे गुस्सा आ गया तो मैंने एक जोरदार धक्का मारा। फिर बुआ ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी आआआअहह, आआआआआहह और अब में अपना काम ज़ारी रखते हुए बुआ को जोरदार धक्के मार रहा था। अब बुआ की आँखों से आँसू निकल रहे थे और वो कराह रही थी और बोली कि साले भडवे माना नहीं और फाड़ ही दी मेरी गांड। फिर मैंने कहा कि क्या अभी भी तकलीफ़ हो रही है? तो तब बुआ ने कहा कि अब तो गांड फट ही गयी, अब पूरी तरह से ही फाड़ डाल मेरी गांड को, मेरी गांड की धज्जियाँ उड़ा दे। फिर में ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाते हुए अपने माल को उनकी गांड में ही निकाल दिया ।।

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धन्यवाद …

Updated: April 13, 2017 — 10:11 am

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