देसी लड़की की चुदाई

Desi ladki ki chudai……….

प्रेषक : राहुल…

हैल्लो दोस्तों, यह कहानी बिल्कुल सच्ची है और बात कुछ ऐसी है कि मेरी एक स्कूल फ्रेंड थी काव्या, जो मेरे साथ स्कूल में थी, लेकिन स्कूल टाईम में उसमें इतनी कशिश नहीं थी जितनी मुझको उसमें तब मिली जब वो मुझको एक दिन पटना के गाँधी मैंदान में लगे एक मेले में मिली। अब में काफ़ी लोगों से बात कर रहा था, तो तभी एक अच्छी फिगर की लड़की मेरे सामने आकर खड़ी हो गई, तो में उसको देखता रहा और नहीं पहचान सका, लेकिन फिर कुछ देर में याद आया कि यह तो काव्या है, लेकिन में दिल ही दिल में सोचता रहा कि यह स्कूल में क्या थी? और अब क्या मस्त हो गई है? तो मैंने उससे कहा कि काव्या, तो वो बहुत ज़ोर से बोली एसस्स्स्सस्स और मुझसे बहुत ख़ुशी ज़ाहिर करके हाथ मिलाया और मुझसे मेरा मोबाईल नंबर लिया और कहा कि क्या एक कप कॉफ़ी नहीं पिलाओगे? तो मैंने कहा कि क्यों नहीं? और फिर में उसको एक कॉफ़ी शॉप में लेकर गया।

फिर वहाँ हमने कॉफी पी और मुझसे स्कूल की टाईम की बातें करने लगी और यादे ताजा करने लगी और मुझसे कहा कि अब में चलती हूँ, तुमको फोन करुँगी। फिर मैंने कहा कि ओके जरूर और उसको गेट के पास तक छोड़ दिया। फिर में अपने घर आ गया, लेकिन में यह सोच रहा था कि यार यह स्कूल में तो इतनी सेक्सी नहीं लगती थी, लेकिन यार अभी तो बहुत ही खूबसूरत लग रही है और फिर मैंने घर जाकर डिनर किया और सोने की तैयारी कर रहा था कि तभी मेरे मोबाईल की बेल बजी, तो मैंने सोचा कि कौन हो सकता है? फिर मैंने देखा तो वो काव्या का फोन था। फिर मैंने उससे बात करनी शुरू की तो सुबह के चार बज गये थे, आप ऐसा समझो कि मोबाईल की बैटरी ख़त्म होने के बाद ही हमारी बात बंद हुई थी।

फिर मेरी उससे रोज बातें होने लगी, उसकी बातें मुझको अपनी तरफ खींचती थी। फिर एक दिन उसका फोन नहीं आया, तो में बहुत परेशान हुआ कि क्या हुआ? उसका फोन क्यों नहीं आया? तो मैंने उसको कॉल किया तो पता काला कि उसकी तबीयत बहुत खराब है और वो हॉस्पिटल में है। फिर वो 4 दिन में हॉस्पिटल से डिसचार्ज होकर आई, तो उसने फोन किया तो पता चला कि वो अपने ऑफिस में काम बहुत करती है और लंच भी टाईम पर नहीं लेती थी, लेकिन जिस टाईम वो डिस्चार्ज होकर अपने घर आई थी, तो उन दिनों में राँची में एक मेले में गया था। अब मुझको उससे बहुत प्यार हो गया था और में ज्यादातर उसके बारे में ही सोचता रहता था और उसको खुश करने में रहता था कि में उसको किस तरह से खुश रखूं। फिर कुछ दिनों के मुझको एक मौका मिला और फिर मुझको एक आइडिया आया।

उसको डॉक्टर ने 1 महीने तक जूस पीने को कहा था, लेकिन बातों-बातों में उसने मुझको यह भी कहा कि मुझको बाहर जाकर टाईम ही नहीं मिलता है। अब मुझको उसकी केयर करना अच्छा लगता था, शायद में उसको बहुत चाहता था। फिर मैंने अपने एक दोस्त को फोन किया और उसको कहा कि उसके ऑफिस के पास किसी जूस की शॉप देखो। फिर उसने वहाँ जाकर जूस की शॉप देखी और मुझको वहीं से फोन किया और मेरी बात जूस वाले से कराई। फिर मैंने उससे कहा कि आप रोज एक जूस का गिलास उसके ऑफिस भेजेंगे, तो उसने कहा कि ओके सर और फिर मैंने उसे एड्वान्स में 1000 रुपये दिलवा दिये। फिर मैंने काव्या को ऑफिस में फोन किया, अब में उससे बात कर रहा था तो बातों-बातों में उसने मुझसे कहा कि तुम कैसे दोस्त हो? मेरी तबीयत खराब है और तुमने मुझको आकर रोज भी नहीं दिया। अब में उससे फोन पर बात ही कर रहा था कि जूस वाले का आदमी वहाँ पहुँच गया और काव्या मेडम के बारे में पूछने लगा, तो ऑफिस के गार्ड ने उसको काव्या के पास भेज दिया, तो इतनी देर में काव्या ने उससे पूछा कि यह किसने भेजा है? तो मैंने उसको बोल दिया कि यह मेरी तरफ से है। फिर उसको ज़ोर का झटका धीरे से लगा, उसको उस दिन शायद पता चला था कि में उसको शायद चाहने लगा हूँ।

फिर एक दिन मैंने उसको अपने मोबाईल से एक मैसेज टाईप किया, वो मैसेज था कहो ना प्यार है, लेकिन उसने यह समझा कि यह एक नॉर्मल मैसेज है। फिर मैंने उसको शाम को फोन करके पूछा कि उसने मेरे सवाल का जवाब क्यों नहीं दिया? तो उसने कहा कि यह सही है, में तो मज़ाक समझ रही थी। फिर इस तरह से मैंने उससे अपनी मोहब्बत का इजहार किया और वो राज़ी हो गई। अब में बहुत खुश था और उससे बातें करता रहा। फिर 2-3 महीने ऐसे ही निकल गये, अब हमारी फोन पर सेक्सी बातें भी होने लगी थी। फिर अचानक से एक दिन उसने बताया कि अगस्त में उसका बर्थ-डे है। अब जिस दिन उसका बर्थ-डे था, में राँची में ही था तो मैनें उससे कहा कि में उसका बर्थ-डे उसके साथ ही मनाऊंगा। अब वो समझ रही थी कि में मज़ाक कर रहा हूँ और जिस दिन उसका बर्थ-डे था उस दिन में सुबह की फ्लाइट पकड़कर पटना आ गया और उसको फोन किया।

फिर वो एकदम हैरान थी कि में उसके बर्थ-डे के लिये राँची से पटना आ गया हूँ। लेकिन वो यह समझ रही थी कि में नहीं आऊंगा, लेकिन में उसको चाहने लगा था और घर से तैयार होकर में उसके ऑफिस गया, क्योंकि मैंने सोचा था कि में उसको एक अच्छे होटल में बहुत अच्छी पार्टी दूंगा और डिस्को भी ले जाऊंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि मेरे अचानक आने से पहले उसने अपने ऑफिस के लोगों के साथ प्रोग्राम सेट कर रखा था, उस वजह से में लेट हो गया और मेरा बना हुआ प्रोग्राम खराब हो गया, लेकिन फिर उसने मेरे साथ कॉपरेट किया और दोपहर को मेरे साथ चल पड़ी। फिर मैंने एक होटल में रूम लिया और में अपने साथ केक और बहुत सारा सामान लेकर गया था। फिर वहाँ जाकर हमने केक खाया और बर्थ-डे इन्जॉय किया।

अब सब कुछ खाने पीने के बाद हम लोग बैठे थे, अब रूम में हम दोनों एकदम चुप थे। अब में सोच नहीं पा रहा था कि में उससे क्या कहूँ? लेकिन मैंने हिम्मत करके उससे एक किस माँगी। तो उसने देने के लिये हाँ की और ना ना की। तो में हिम्मत करके उसके बालों में अपना एक हाथ डालकर उसे अपने कुछ करीब लाया और उसको किस किया। अब मेरे होंठ उसके होंठो पर रखते ही वो मुझसे चिपक गई और मुझको किस करने लगी और दिवानो की तरह मुझको चूमने लगी थी। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि किसी ने बरसों के बाद खाना खाया हो और फिर मैंने हिम्मत करके उसके बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया। बस फिर क्या था? वो तो बिना पानी की मछली बन गई थी और में उसके बूब्स को सक करने लगा था। फिर उसके बाद मुझसे भी कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने एक-एक करके उसके सारे कपड़े निकाल दिए। फिर जब मैंने उसके कपड़े निकाल दिए, तो उसने कहा कि लाईट बंद कर दो प्लीज, तो मैंने लाईट बंद कर दी। फिर मैंने उसके बदन की एक-एक चीज को चूमना शुरू किया।

फिर क्या था? फिर जब मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाली, तो उसने मेरे हाथ को अपनी पूरी ताकत से पकड़ लिया और कांपती हुई आवाज़ में बोलने लगी कि अभी प्लीज कुछ करो। फिर क्या था? मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसकी चूत पर रखा, तो वो मुझसे बोली कि में उसके दोनों हाथ मजबूती से पकड़ लूँ। फिर जब मैंने हल्का सा दबाया, तो उसके मुँह से आवाज निकली आईई, लेकिन मुझको पता था कि इन्जॉय उसको भी करना है और मुझको भी, फिर मैंने अपना लंड थोड़ा सा बाहर निकाला और तेज़ी से दबाया, तो उसके मुँह से आवाज आई अभी, तो में रुक गया और थोड़ा सब्र किया और उसको किस किया। फिर जब मुझे लगा की उसको कुछ आराम आ गया है, तो वो अपने कूल्हें उठाने लगी। फिर में भी अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा और अब कमरे में सिसकियों की आवाज का एक समा बंध गया था। अब मेरा 7 इंच लम्बा लंड जब उसकी चूत के अंदर जाता था तो उसकी आवाज का आप अंदाजा लगा लो कि मैंने क्या मज़ा किया था? अब में रुक-रुककर धक्के मार रहा था और वो बोल रही थी कि अभी और जोर से और जोर और फिर उसकी चूत से पानी निकलने लगा था और फिर चप-चप की आवाज़े निकालने लगी। लेकिन मेरे लंड में जैसे उन आवाज़ो से ताक़त आने लगी और वो और मोटा होने लगा था, जिसकी वजह से हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद मुझको लगा कि अब में झड़ने होने वाला हूँ तो में जोर-जोर से धक्के मारने लगा और मेरे लंड से एक पिचकारी निकली, जिसके एहसास से काव्या ने अपनी आँखें बंद करके उसका भरपूर आनंद लिया। फिर में उसके ऊपर ही लेटा रहा, फिर उस दिन के बाद जब भी काव्या मुझको मिलती है, तो वो मुझको बड़ी लालची निगाहों से देखती है और हम दोनों खूब मजे करते है ।।

धन्यवाद …

Updated: April 10, 2017 — 9:21 am

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