वोह थी हवस की पुजारन

HAWAS ki PUJARAN:

एक गुमनाम आशिक़ मेरा नाम काल्पनिक है।  और मई 99हिंदी सेक्स स्टोरी का एक नियमित उपबोक्ता हु।  आज पहली बार आप लोगो के सामने हाजिर हूँ अपनी जीवन की सच्ची कहानी लेकर जिसने पहली बार मुझे चुदाई का मज़ा दिया, इस घटना के बाद मै सेक्स के लिए पागल हो गया हूँ इसलिए यह कहानी आपलोगों के सामने पेश कर रहा हूँ| बात उन दिनों की है जब मै एक बार कुछ दिनों के लिए जम्मू गया हुआ था, जम्मू में मेरी एक दूर के रिलेशन की आंटी रहती थी, खैर उनके बारे में मुझे कुछ ज्यादा पता नहीं था जब घरवालो ने मुझे बताया की मुझे उनके पास जाना है फिर जाकर मुझे पता चला|

मै पहली बार जम्मू जा रहा था तो मुझे भी ठीक लगा की उनसे भी मिल लूँगा, मैंने उनसे एक बार फ़ोन पर बात की और जम्मू के लिए निकल गया| मै पहली बार जम्मू गया था तो जब मै स्टेशन पर उतरा तो आंटी मुझे लेने के लिए आई हुई थी, मै जैसे ही उनसे मिला उन्होंने मुझे गले लगा लिया| मेरा सर उनकी बड़ी चुचियों के बीच धंस गया था, अजीब लगा की पहली बार में कोई ऐसा करती है क्या? फिर मैंने उन्हें ध्यान से देखा तो पता चला वो गज़ब की सेक्सी थी|

दुबली पतली सी थी और उनकी गांड और चूचियां और भी मस्त थी, लेडीज या लड़कियों में सबसे पहले मै यही देखता हूँ, इसलिए मुझे आंटी बड़ी मस्त लगी और उनका गले लगाना मुझे और भी रोमांचित कर रहा था|

खैर उनकी कार में बैठकर हमलोग घर आये, आंटी ने कहा तुम्हारे अंकल कुछ दिनों के लिए बाहर गए है इसलिए हम दोनों ही है यहाँ! मैंने कहा कोई बात नहीं आंटी वैसे भी मै यहाँ जम्मू घुमने आया हूँ, आप ही घुमा देना, उन्होंने कहा हाँ यही ठीक रहेगा! आंटी ने मुझे फ्रेश होने के लिए कहा! मैंने पहली बार इतना बड़ा बाथरूम देखा था और उसमे आंटी की एक पैंटी भी थी शायद आज ही सुबह उन्होंने चेंज किया होगा| मै मौका देखकर उसको सूंघने लगा और मेरा लंड खड़ा हो रहा था लेकिन मैंने कण्ट्रोल कर लिया| फिर मै खाना खाने के बाद सो गया क्यूंकि शाम को हमलोगों को घुमने के लिए जाना था|

हमलोगों ने शाम को पूरी सैर करी और रात ९ बजे तक घर वापस आ गए! घर आकर खाना खाने के बाद उन्होंने मुझे एक टेबलेट दिया और कहा इसे खा लो, बहुत थक गए होगे इस से नींद अच्छी आएगी! मैंने उसे खा लिया थोड़ी देर में मेरे बॉडी में गर्मी होने लगी और मेरा लंड खड़ा होने लगा, शायद उन्होंने मुझे सेक्स की गोली खिला दी थी| मै सिर्फ अंडरवियर पहने हुए था! मेरा लंड धीरे धीरे काफी टाइट हो रहा था|

मै सोने की नाकाम कोशिश करने लगा, कुछ देर ऐसे गुजारने के बाद मै चुप चाप आंटी के रूम की तरफ बढ़ गया, मैंने अंदर झांक कर देखा तो आंटी सो रही थी, ये देख कर मै उदास हो गया और सोचने लगा की अब क्या करू मै? उनके पास जाने की मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी और लंड भी बहुत टाइट हो गया था इसलिए मै बाथरूम में गया और अपना अंडरवियर उतारकर मुठ मारने लगा, chodan story मुझे नहीं पता था की सेक्स की गोली का असर इतना होता है, मेरा लंड गरम हो गया था और जल रहा था, मै अपना लंड हाथ में लेकर आंटी के बारे में सोचते हुए दनादन मुठ मारने लगा, तभी मुझे अपने पीछे किसी की आहट सुनाई दी, मै चौक गया और पीछे घूमकर देखा तो वहां आंटी थी|

मै डर गया और अपने हाथों से अपने लंड को छुपाने की नाकाम कोशिश करने लगा, आंटी ने पूछा क्या हो रहा है यह सब? मै बोला कुछ नहीं आंटी….उन्होंने कहा क्या कुछ नहीं? मैंने बोला वो नींद नहीं आ रही थी… आंटी ने कहा “तो” नींद नहीं आती है तो यही सब करते हो? मै शर्म के मारे कुछ नहीं बोल नहीं पा रहा था….

Kamukta story यह कहानी आप फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है| मैंने अपना हाथ उठाया और उनके बूब्स दबाने लगा, पहले तो उन्होंने रोकने की कोशिश की लेकिन फिर वो भी मेरा साथ देने लगी, मैंने उनकी साड़ी अपने हाथों से उतार दी अब वो ब्रा और पैंटी में थी,

अब मैंने अपना लंड उनके मुहं से निकाला और उनकी चूत को चाटने लगा, उनके चूत के रस में क्या गज़ब का स्वाद था, अब मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक जोर का झटका लगाया, एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया, उनकी आह निकल गयी, अब मैंने आंटी को अलग अलग पोजीशन से खूब चोदा, उस दिन हमलोगों ने करीब ३ बार चुदाई की|

मै ब्रा के ऊपर से ही उनकी चुचियों को मसलने लगा, और वो मादक आवाजें निकालने लगी, आह उह आह की आवाजें पुरे कमरे में गूंज रही थी, फिर मैंने उनकी पैंटी निकाल दी और उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा, उन्होंने मेरा सारा कपड़ा अपने हाथों से निकाल दिया और मेरे लंड पकड़कर सहलाने लगी और चूसने लगी. ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लंड, लंड न होकर केला हो|

अब उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था और अब में थोड़ा डर गया था, लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था, क्योंकि मैंने पहली बार उनकी त्वचा को छुआ था,

लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई, क्योंकि सभी वहाँ बैठे हुए थे और में नहीं जानता था कि उनको अच्छा लगेगा या बुरा। फिर कुछ देर के बाद उन्होंने मेरा एक हाथ अपनी कमर पर रख दिया, लेकिन मैंने अपना हाथ सरका लिया। अब मेरा हाथ उनकी चूत पर था और अब में बहुत गर्म हो गया था और उनकी चूत ढूँढने लगा था, लेकिन उनकी साड़ी की वजह से नहीं ढूँढ पा रहा था।

फिर मैंने धीरे-धीरे अपने पैर से उनके पैर को टच करना शुरू किया, उउउफफफफफ्फ़ क्या चीज़ थी मेरी मामी? में आपको नहीं बता सकता। अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी। फिर में अपना पैर धीरे-धीरे उनके घुटनों तक ले आया, उफ़ क्या मखमली स्पर्श था? अब हम दोनों एक दूसरे को पैर से सहलाने लगे थे। फिर ये सिलसिला चलता रहा,

                                                                   दोस्तों आज की एक और कहानी पड़ने के लिए यहाँ पे क्लिक करे।

धन्यबाद :

Updated: March 10, 2017 — 4:23 pm

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