पड़ोस वाली भाभी की गिली चूत

Pados wali bhabhi ki gili chut……..हेल्लो दोस्तों , मेरा नाम राजू है .और मेरा उम्र 26 साल है .मई होटल मैनेजमेंट के थर्ड इयर में हु .मेरे घर में एक जॉइंट फॅमिली के तरह सब लोग रहेते है साथ साथ में .मई जब भी मुझे मुठ भी मारना पढता है तो संभाल संभाल के करता हु ,मेरा एक पर्सनल रूम है जिसमे मई पढाई के अलाबा बाकि सब कुछ करता रहेता हु , मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती है नाम है शीतल .शीतल भाभी से हमारा अच्छा खासा रिश्ता है .मम्मी से अक्सर बाते करने के लिए हमारे घर अति जाती रहेती है .भाभी बड़ी मस्त थी .उफ़फ्फ़ क्या बताऊँ दोस्तों क्या चीज़ है वो? गोरा रंग, बड़े बड़े  और टाईट बूब्स, बड़ी सी गांड, बहुत ही फिट फिगर है .आज मैं इसी भाभी की चूत चुदाई की कहानी आप को बता रहा हूँ.

वो 30 साल की है और उनकी फिगर ३०-२८-३२ होगी. यकीं मानो दोस्तों, जब भी वो घर से बाहर निकलती है, तो सारे मोह्हले के लड़के उनकी मटकती चाल पर, अपना दिल हारने को तैयार रहते है. शीतल भाभी हमारे घर के बगल वाले घर में रहती है. वो हमारे घर काफी आती – जाती है और इसी वजह से मेरी उनसे अच्छी दोस्ती हो गयी थी. उनके हसबैंड स्कूल में टीचर थे और वो मेरी स्टडी में काफी हेल्प भी करते है. ये इंसिडेंट, आज से एक हफ्ते पहले का है. अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए, सीधे स्टोरी पर आता हु. जैसा कि आप लोग जानते है, कि आज कल सब लोग व्हाट्स ऐप बहुत यूज़ करते है. मेरी स्टोरी भी व्हाट्स ऐप से ही शुरू हुई. एकदिन मुझसे गलती से भाभी को पोर्न मूवी सेंड हो गयी, जो कि मुझे अपने फ्रेंड को भेजनी थी.

वो पोर्न मूवी का बहुत दीवाना था और उसका नाम भी “s” से शुरू होता है, इस कारण, मुझसे वो पोर्न मूवी शीतल भाभी को सेंड हो गयी. थोड़ी देर बाद, भाभी का मुझे मेसेज आया, कि ये क्या बद्तिमिज़ी है. मैंने कहा – भाभी, ये मुझसे गलती से सेंड हो गयी है. ये मैंने किसी और को सेंड करनी थी. वो गुस्से से बोली – अभी तेरी मम्मी को ये बताती हु. तो काफी मना करने के बाद, वो मान गयी और ऐसे करके बात शांत हो गयी. मैंने अपनी इस गलती के कारण उनसे आँखे भी नहीं मिला पा रहा था. एकदिन भाभी हमारे घर आई और मेरी मम्मी को बोली, कि मुझे मार्किट जाना है. तो क्या मैं अपने साथ राजू को ले जा सकती हु? मम्मी ने हाँ बोल दिया और मैं रेडी होने के लिए चले गया. मार्किट जाने के लिए, मैंने कार बाहर निकाली और हम मार्किट चले गये. रास्ते में, मैंने दोबारा से उनसे उस गलती के लिए माफ़ी मांगी. तो उन्होंने मुझे माफ़ कर दिया और फिर अचानक से उन्होंने मुझसे पूछा, कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या? तो मैंने जवाब दिया, नहीं. उनका अगला सवाल सुनकर तो मैं हैरान ही हो गया.

उनका अगला सवाल था, कि क्या तुमने कभी सेक्स किया है? मैंने जवाब में अपना सिर नहीं में हिला दिया. वो बोली – सेक्स करना चाहते हो? मैंने शरमाते हुए बोला – किस से? वो बोली – मेरे साथ. ये तो सुनकर मेरे पेरो के नीचे से जमीन ही सरक गयी. अब तक हम मार्किट भी पहुच गये थे. मार्किट में उन्होंने कुछ शौपिंग की और १ घंटे बाद, हम वापस घर की ओर चल पड़े. रास्ते में उन्होंने, मुझसे फिर से वही सवाल पूछा. तो मैंने मना कर दिया और कहा – ये सब गलत है. उस दिन तक, मेरे मन में उनके लिए कोई गलत फीलिंग नहीं थी. मैंने उस रात तक़रीबन ४-५ बार मुठ मारी. मुझे सारी रात नीद नहीं आई. अगले दिन सुबह भाभी का मेसेज आया, क्या सोचा? अगर हाँ है, तो आज रात घर आ जा. तेरे भैया बाहर जा रहे है, एक काम से. मैंने दिन भर बहुत सोचा और मैंने हाँ कर दी. मैं रात होने का बे सबरी से इंतज़ार कर रहा था. शाम को भाभी हमारे घर पर आई और मम्मी से बोली – आज रात राजू हमारे यहाँ सो सकता है? मेरे हसबैंड ऑफिस के काम से बाहर जा रहे है.

वो कल शाम तक आ जायेंगे. मम्मी ने हाँ बोल दिया. भाभी, जाते वक्त मुझे नॉटी सी स्माइल पर कर गयी. रात होते ही, मैं उसके घर चले गया और उस टाइम वो किचन में बिजी थी. मैं टीवी देख ने बैठ गया और ग़ज़ल सुनने लगा. कुछ देर बाद, भाभी भी फ्री हो गयी और हम सोफे पर बैठ कर बात करने लगे. तक़रीबन हाफ आधे घंटे के बाद, हम दोनों बेडरूम में चले गये और भाभी ने उस वक्त, नीली रंग की नाईटी पहनी हुई थी. उनके निप्पल साफ़ दिख रहे थे. मैंने लोअर पहनी हुई थी. बेडरूम में जाने के बाद, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और उन्होंने सारी लाइट्स बंद कर दी और सिर्फ लैंप ओन कर दिए.

शीतल भाभी ने मेरा हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा कि तुम चिंता मत करो. बस खली मुझे आज खुस कर दो ,तुम मुझे जिस तरह से लेना चाहो ले सकते हो ,तुम तो हट्टे कट्टे जवान हो ,तुम मुझे सब कुछ दे सकते हो .और भाभी ने मुझे ज़ोर से किस किया लेकिन में ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा था तो कुछ देर के बाद भाभी ने अपनी नाईटी को उतार दिया और अब वो मेरे सामने पूरा नंगी थी. भाभी का शरीर बहुत सेक्सी था और में भी अब उनका साथ देने लगा.. में खड़ा हुआ और भाभी को ज़ोर से पकड़ लिया और फिर उन्हे हर जगह किस करने लगा और वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी.

 भाभी के नीचे का अंग देखकर तो में हैरान रह गया.. वाह क्या सेक्सी जिस्म था तो भाभी हँसने लगी और कहा कि क्या देख रहे हो तो मैंने कहा कि क्या करूँ.. ऐसे कभी आपको देखा ही नहीं आप तो बहुत सेक्सी हो उनके बूब्स तो और भी ज़बरदस्त थे.. उनके निप्पल गुलाबी कलर के थे.. में अपने आप को रोक नहीं सका और उनके निप्पल चूसने लगा.. कभी चूसता तो कभी दबाता और कभी काटता.. शीतल भाभी को बड़ा मज़ा आ रहा था.. में उनके बूब्स को चूस रहा था और उधर वो मेरे लंड को रगड़ रही थी और फिर में भी अपना एक हाथ उनकी पेंटी की तरफ ले गया तो उनकी पेंटी पूरी गीली थी और मैंने हंसते हुए कहा कि आपने तो अभी से ही पानी छोड़ दिया है. सेक्स में आपको कैसे मज़ा आएगा? तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं.

फिर मैंने कहा कि भाभी कोई चिंता की बात नहीं.. आज में आपको ऐसी सेक्स संतुष्टि दूंगा कि आप पूरी लाइफ याद रखोगी. मैंने फिर उनकी पेंटी उतारी और उससे उनकी चूत को साफ किया.. मैंने उन्हे बेड पर लेटाया और दोनों पैर फैलाने को कहा और फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाली तो वो एकदम से सिसक उठी और में उनकी चूत चाटता रहा और वो सिसकियाँ लेती रही और कुछ देर बाद उनकी चूत साफ हो चुकी थी और वो अब एकदम सूखी थी.

मैंने कहा कि भाभी अब सही टाईम है आपको चोदने का तो भाभी एकदम मदमस्त थी और जैसे में कह रहा था वैसा ही कर रही थी. मैंने अपना लंड बाहर निकाला और भाभी से कहा कि इसे दो तीन बार अपने मुहं में लो और उन्होंने ऐसा ही किया.. मैंने फिर उन्हे सीधा लेटाया और अपना लंड उनकी चूत पर रखा तो चूत एकदम गरम थी.. मैंने एक ज़ोर से धक्का देकर अपना लंड उनकी चूत में डाला तो वो दर्द से करहा उठी और सिसकियाँ लेने लगी.. उनकी चूत बिल्कुल एक वर्जिन की तरह बहुत टाईट थी तो मैंने पूछा कि क्या दर्द हो रहा है.

उन्होंने हाँ में सर हिलाया लेकिन कहा कि कोई बात नहीं तुम चालू रखो.. में हंसा और धक्के मारता रहा और 10-15 धक्को तक तो भाभी को नहीं दर्द हुआ लेकिन फिर उनकी चूत ठंडी हो गयी और उन्हे कुछ आराम मिला तो मुझे लगा कि अब धक्को की स्पीड बड़ा देनी चाहिए.. में और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारता रहा और भाभी ने फिर से पानी छोड़ दिया.. फिर कुछ देर के बाद में भी चूत के अंदर ही झड़ गया. 

 मैंने उनसे पूछा कि क्या कभी भैया ने पीछे वाले छेद में लंड डाला है तो वो हंसते हुए बोली कि आगे वाले बड़े छेद में तो डाल नहीं पाते थे.. पीछे छोटे छेद में क्या खाक डालते. तो मैंने कहा कि अब छोड़ो उस बात को और अब आज में डालकर दिखाता हूँ. फिर में लंड को उनकी गांड में डालने लगा तो उनको बहुत ही दर्द हुआ और उन्होंने मुझे रूकने के लिए कहा लेकिन मैंने कहा कि थोड़ा बर्दास्त कर लो. फिर बहुत मज़ा आएगा और मैंने भी पहले कभी पीछे के छेद में लंड नहीं डाला था और फिर मैंने जैसे तैसे लंड अंदर डाल दिया लेकिन तकलीफ़ मुझे भी हुई और भाभी की तो हालत बहुत खराब थी.. उनकी आखों से दर्द के आँसू टपकने लगे थे.

मैंने फिर बहुत ही धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किए लेकिन वो बहुत तकलीफ़ में थी.. मैंने उनसे पूछा कि क्या बंद कर दूँ तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं चालू रखो और में धीरे धीरे धक्के मारता रहा और थोड़े टाईम बाद शायद उनका दर्द भी कम हो गया और में धक्के मारता रहा. मैंने कुछ देर के बाद लंड को बाहर निकाल लिया और भाभी से पूछा कि आप किस किस पोज़िशन में चुद चुकी हो? तो भाभी ने कहा कि तेरे भैया मुझे लेटाते थे.. लंड डालते थे और 20 धक्को में उनका लंड झड़ जाया करता था और वो कभी मेरे बूब्स भी नहीं चूसते थे.. क्योंकि ज्यादा गरम होने पर कई बार तो वो बिना किए भी झड़ चुके थे. मैंने कहा कि क्या आप धक्के मारोगी? उन्होंने बड़ी हैरानी से पूछा कि कैसे? तो में नीचे लेट गया और कहा कि आप अब मेरे ऊपर से धक्के मारो.

फिर वो मेरे ऊपर आकर बैठ गयी और मैंने अपने लंड को हाथ से उनकी चूत में डाल दिया और उनसे कहा कि अब मेरे लंड पर उछलकूद करो और फिर वो जोश में बहुत ज़ोर ज़ोर से उछलने लगी और कई बार लंड चूत से बाहर निकल गया तो मैंने कहा कि भाभी थोड़े आराम से करो नहीं तो आपको मज़ा नहीं आएगा और अब वो आराम से करने लगी और इस बार में पहले झड़ गया था लेकिन वो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी.. वो धक्के पे धक्के मारे जा रही थी और मेरा लंड फिर से तन चुका था.

अब वो थोड़ी थकने लगी थी तो मैंने कहा कि आप बैठ जाओ और मैंने कहा कि अब हम डॉगी स्टाईल में करते है और मैंने पीछे से चूत में लंड को धक्के मारने शुरू किए.. में धक्के मारे जा रहा था लेकिन लंड झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था और हम दोनों बुरी तरह से थक चुके थे. फिर मैंने लंड को बाहर निकालते हुए भाभी से कहा कि अब तो आप ही कुछ करो और मैंने कहा कि इसे चूसो और इसका पानी बाहर निकालो.. मुझे बहुत तकलीफ़ हो रही है.

तभी उन्होंने मेरे लंड को चूसना शुरू किया.. चूसते चूसते 10 मिनट हो चुके थे. तब जाकर लंड साहब झड़े और मुझे कुछ चैन आया. मैंने भाभी से पूछा कि मज़ा आया या नहीं और वो मेरी गोद में आकर बैठ गयी और मुझे किस करके बोली कि आज मुझे औरत होने का एहसास हो रहा है.हम दोनों बिस्तर पर नंगे पड़े रहे और ३० मिनट के बाद, वो मेरे लंड से फिर से खेलने लगी और हमने फिर से चुदाई की और इस तरह से ये सिलसिला पूरी रात चला.

पर शीतल भाभी उधर से चली गयी ,एक साल पहेले ,और वोह किसी दुसरे सेहर में रहेती है .

धन्यबाद ……………….

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