मालिक के सेक्सी बीबी ने दिया मजा

प्रेषक मैदुल ,
हेल्लो दोस्तों ,मेरा नाम मैदुल है ,और ये मेरी जिन्दगी में घटित एक सच्ची कहानी है ,जो मई अप लोगो को बताने जा राहा हु .ये उन्दिनो की बात है जब मई गावो से आया था मुंबई शहर में और नौकरी की तलाश कर रहा था .तो तब मुझे एक ऑटो मोबाइल की दुकम में नौकरी लग गयी .
उस दुकान का जो मालिक है वोह उम्र में काफी बड़ा है ,उनकी उम्र करीब ३९ की आसपास होगा .और उनकी पत्नी जो की उम्र में उनसे काफी छोटी थी करीब २८ के आसपास होगा .मालिक ने काफी देर बाद साडी की थी .उनकी एक बेटी थी .उनकी पत्नी का नाम नीतू था .नीतू काफी दिखने में सेक्सी लगती थी और उसके उम्र से काफी छोटी लगती थी ,मालिक मुझे प्यार से छोटू बुलाते थे ,मालिक के साथ मेरा रिश्ता काफी अच्छा था .दुकान में कम के साथ उनका घर का छोटा मोटा कम भी मुझे संभालना पड़ता था .इसीलिए उनके घर में आना जाना लगी रहेती थी ,जैसे की दो पहर में मालिक के लिए खाना लेने जाते थे ,इसी तरीके से मालिक की बीबी नीतू भाभी के साथ मेरा रिश्ता अच्छा बन गया .
नीतू भी मुझे प्यार से छोटू ही बुलाती थी ,उनके साथ काफी हसी मजाक चलता रहेता था ,जभी मई घर में खाना लेने जाता था तो हम हसी मजाक करते थे ,और भाभी के साथ मस्कारा करने में मजा भी आता था .भाभी को चिड़ाने के लिए हम कभी कभी बोलते थे ,पापा खाना लेने भेजा है .और वोह जोर से हस पड़ती थी .और वोह बोलती थी ,तुम काफी बदमास हो रहे हो .तुम्हारा सिकायत करना पड़ेगा ,तो मई भी हस देता था .
एक दिन सुबह मालिक ने बोला की वोह गाओ जाराहा है 10-15 दिन के लिए गाओ में जमीन बेचने के लिए .और वोह नहीं चाहते है की दुकान बन्ध रहे इस समय ,इसलिए मुझे दुकान संभाल ने को कहा ,और बेटी की स्कूल है तो उसको ले जानेके लिए मुझे बोला की उनके घर में रहेने के लिए .तो मैंने बोला ठीक है .तो उन्होंने मुझे दुकान की चाबी दे दिया और कहा काल से संभाल लेना मई जल्दी कम निपटा के वापस आने की कौसिस करूँगा और दुकान ठीक टाइम पे अजइयो .
मालिक को स्टेशन तक छोड़ने के बाद उस दिन मई पूरा दिन दुकान में राहा .रात को मई दुकान बन्ध करके चला गया मालिक के घर .घर में आया तो मालकिन पूछा ,खाना खाया दो पेहेरको .मैंने बोला हा मैडम .रात का खाना टेबिल में लगा दिया ,हम सब मिलके एक साथ खाना खा लिए और मई हल रूम में सो गया और नीतू और बच्ची अपने कामड़े में .
इसी तरह चार दिन कट गया ,दुकान में बैठ बैठ के पडेशन हो जाता था .सब कुछ नोरमल कट रहा था .उसके बाद नेक्स्ट दिन रात करीब 1:00 बाजे मई पेशाब करने उठा था ,तो मेरा नजर भाभी के रूम में पड़ा ,तो मैंने देखा की लाइट ज्वल रहा है ,तो मई सोचा भाभी जग रही है ,क्यों की बाथरूम जाने का रास्ता नीतूजी की घर से हो के गुजरता है ,इसीलिए मेरा नजर मालिक की बीबी  की कामड़े में अगेया .तो मई देखा तो मेरा होस उड़ गया .देखा मालकिन आपना मैक्सी उठाके अपने गुलाबी कलर की पंटी से अपना चूत सहला रही है ,और मु से आह आह ..उफ़ आवाज निकल रही है .मेरा मन किया की मई जाके चिपक जाऊ उनसे ,मेरा लैंड भी खड़ा हो गया ,ये नजारा देख कर .पर हिम्मत नहीं हुआ कुछ करने को ,किसी भी तरीके से मई अपने अप को कण्ट्रोल करके उधर से निकल आया .और फिर उस रात मालिक की बीबी की शारीर मेरे आँखों के सामने बार बार अरह था .
उसके अगले दिन हम सब लोग नाश्ता करने बैठ गये ,अज तो मई उनके आँखों से आंखे नहीं मिला पा रहा था .जब भी उनको देख रहा था ,काल रात का सब कुछ मुझे याद अरह था .मई चुपचाप खाना खा रहा था ,और बिच बिच में उनको घुर रहा था ,तो  मालकिन बोली ,”क्या बात है ?अज चुप चाप हो .”
मैंने कहा ,”की ऐसा कुछ नहीं है .” मई खा लिया और दुकान चला गया .पूरा दिन भर मेरे दिमाग में ये सब ही चलता रहा .और जितना मई ये सब सोचा उतना मुझे मालकिन को चोदने के खेयाल मन में आता रहा .
मई जल्दी जल्दी दुकान बन्ध करके उसदिन चला गया ,मुझे और एकबार मालकिन को उस हालत में देखना था ,मई रात को उठके उनके रूम के नशदिक गया ,आज देखा दरवाजा बन्ध है ,पर अन्दर से वोही तड़पने की आवाज मेरे कानो आई ,और मेरा लैंड पूरा टन टाना गया ,बाथरूम में जेक मुठ मारना पड़ा ,और फिर सो गया .
5 दिन इसी तरीके से गुजर गया ,हमार बिच कुछ न हो पाया ,जितना मई सोचने लगा था मालकिन को चोदने का इच्छा मन में और बढ़ गया .खाने के बाद ,मई उस रात जाग रहा था ,हल में मई सोफे में बैठा था .मई उठ गया ,और मालकिन की रूम के नस्दिक गया और दरवाजे में कान दिया तो आवाज बोहोत जोर से आरहा था ,और मई बाथरूम चला गया .
अब आवाज जोर से आरहा था ,बाथरूम से भी आवाज आरहा है ,मेरे दिमाग में एक आईडिया आया मई दरवाजे में खटखटाया .तो भाभी अन्दर से निकल आया ,”मैदुल क्या हुआ ?क्या चाहिए ?”
मई बोला ,आप का तबियत तो ठीक है ,कुछ आवाज आरहा था अन्दर से मुझे लगा अप को कोई तकलीफ हो रही है .उन्होंने थोडा सा अपने अप को संभाल के बोला ,’नहीं तो कुछ नहीं हुआ ,मेरा तबियत बिलकुल ठीक है ,”
मई उदहर से आके ,फिर सोफे में बैठ गया ,मुझे लगा की प्लान सायद कामियाब नहीं हुआ .फिर मालकिन का दरवाजा फिर से खुला ,और मालकिन मैक्सी डाल के बहार अगेया .और मेरे पास आके बैठ गया .उन्होंने कहा की ,”क्या हुआ था तुम चिल्ला रहे थे ,मई तो डर गयी थी .”मैंने कहा ,”मुझे आप के घर से आवाज आया तो मई सोचा की अप का तबियत ख़राब है .”
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उन्होंने कहा ,”नहीं मेरी तबियत तो बिलकुल ठीक है .:फिर कहा ,”असल में मई सप्ना देख रहा था तो डर गया ,और इसीलिए सायद .”भाभी नाटक कर रही थी ,तो मुझे समझ में अगेया था ,भाभी ने फिर मेरे कान में अपना होठ के सामने लाया और बोला ,”मुझे बोहोत जोर से प्यास लगी है ,बुझा दोना .”
मई बोला ,”ठीक है मई पानी लेके आता हु .”भाभी मेरा हाथ पकड़ लिया ,और बोला तू समझ नहीं रहा है और न समझ ने का नाटक कर रहा है .और मेरे हाथ पकड़ के उनके बूब्स पे लेक रखा ,अब उनके बड़े बड़े बूब्स मेरे हाथो में था .भाभी को मई किस कर लिया और भाभी मुस्कुरुया और भाभी होठो को लेके आया और मेरे होठो को चूसने लगा .भाभी का दोनों बूब्स मेरे सीने में लग रहा था ,मई अब भाभी को मेरे गोदी में बिठा दिया ,और उनका चूत मेरे लैंड से चूब रहा था .भाभी पने जन बुझ के ही मेरे लैंड को चूत से सहेला रहा था ,अब उनकी चूत का बेचनी मुझे समझ में आरहा था ,तो मई उनके चूत में हाथो से चींटी कट दी तो भाभी उछाल गया ,भाभी ने बोला ,’रुक तुझे आब मजा चखाता हु ,भाभी ने मेरे सेने में दात से काट दी ,तो मई चिल्ला उठा ,तो भाभी एक हाथ से मेरा मु पकड़ लिया और बोला चिल्ला मत नहीं तो और भी जोर से कट दूंगा .दोस्तों ये कहानी आप ९९ हिंदीसेक्स स्टोरी डॉट कोम में पढ़ रहे है .
अब हम दोनों सोफे से उठ के निचे फारस पे लेट गये ,और मालकिन भाभी मेरे ऊपर थी और मेरे लंड से अपना चूत मसल रही थी ,और मजा ले रही थी ,मुझे भी बोहोत मजा हो रहा था ,भाभी इसके बाद मेरे पास लेट गयी और मुझसे कहा ,”सुन किसी को ये सब के बारे में पता चलना नहीं चाहिए ?”मैंने बोला ,”आप टेंशन न लो मैडम किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा .
फिर मई मैडम के ऊपर चढ़ गया और मैडम की दोनों बूब्स को लेके जोर जोर से दबा रहा था ,मैडम की बूब्स बोहोत टाइट हो गया था ,ऐसा लग रहा था उसमे कोई पुरुष की हाथ बोहोत दिन तक नहीं पड़ा था .मैडम आनंद उठा रही थी और मुझे देख देख कर अपना होठ कट रही थी .
अब मैडम मुझे अपने ऊपर से हटा दिया और सोफे पे बैठ गया ,और मैडम अपना नाईट प्यांट को उतर दिया ,मैडम अन्दर काला रंग का प्यान्टी पहेनी हुई थी और टंग को फैला दिया और मुझे बोला चल अब मेरा प्यास बुझा .मई प्यान्टी के पास गया और अपना ऊँगली से मैडम की चूत के ऊपर हाथ बुलाने लगा ,और मई प्यान्टी के ऊपर से ही किस किया ,और मैडम की प्यान्टी को हठाके चूत को चूसने लगा ,तो मैडम ने सिसकारी और मु से आवाज निकलती हुई अपना दोनों आंखे बंद कर ली और मजा लेती रही .मैंने अपना पूरा मु अन्दर डाल के चूसने लगा ,और मैडम अआह उफ्फ्फ्फ़ उम्म्मम्म करने लगा .मेरे सर को जोड़ से उनके चूत के साथ लगा दिया .और कुछ ही देर में चूत का पानी निकल दिया ,पूरा पानी मेरे मु पे आके लगा ,गरमा गरम पानी मेरी होठो पे और मेरे मु पे लगी .मेरा लंड पूरा टाइट था ,मैडम निचे आके मेरा लैंड को जोर जोर से मसलने लगी ,और फिर उसका गति बारा दिया .मैडम को कहा अज मेरा लंड तोड़ने का इरादा है क्या ?
मैडम ने हस के कहा ,”नहीं रे तुझसे चुदवाने का इरादा है .
अब जल्दी से मेरी चूत में डाल ,मैडम को लेटाके मई थोडा सा ठुक लगाके लंड में मैडम की चूत की अन्दर दाल ने की कौसिस की ,पर चूत बोहोत ही टाइट था ऐसा लग रहा था की बोहोत दिन तक इसमें कोई पुरुष का गुप्तांग अन्दर नहीं आया है ,फिर मुझे मैडम कहा ,”पूरा डाल अन्दर .”मैंने धक्का लगाया तो अन्दर घुस गया .और फिर  जोर जोर से निकलने और बहार करने लगा ,मैडम ने मेरा पीठ पे नाख़ून गाड़ते चली गयी और गुस्से में मई भी ताकत लगाके उसको चोदता रहा .मैडम की मु से आवाज निकलते ही जा रही थी ,”छोटू आह अआह और जोर से कर अआह अआह उफ्फ्फ मर गयी मई ,और जोर से कर छोटू .उफ्फ्फ .”
20 मं तक करता रहा और उसके बाद पूरा काम रस मैडम के अन्दर डाल दिया ,फिर थोडा सा रेस्ट लेके फिर करता रहा .पैरो को फैलाके मेरे कंधे में उठा दिया ,और चूत को चाट के फिर से गिला कर दिया ,घुसने के अस्सानी के लिए ,इसी तरह पूरा रात भर करते रहे ,और देर रात को सो गये .
सुबह मुझे मालकिन ने गरमा गरम नास्ता बना दिया ,और कहा पूरा खा लेना ,अज भी तुझसे बोहोत काम करवाना है .अज खाने दोपेहेरको अजाना .मेरा मालिक आने में और भी 6-8 दिन था ,तब तक हम दोनों पति पत्नी की तरह ही रहेते थे .जब मालिक आभी गया था तो बिच बिच में खाना लेन के बहाने ,और सामान पोहोचाने के बहाने घर में आजाता था और 30-35 मं तक पूरा सेक्स का मजा लेता था .
ऐसा पूरा एक साल से भी ज्यादा चला हमारे बिच .ये सबसे अच्छा टाइम था मेरा लाइफ का .
धन्यबाद………….
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Updated: May 27, 2016 — 8:35 am

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