होटल में बिताया हुआ आंटी के साथ वोह दिन

hindi sex story.desi kam basna kahani हेल्लो दोस्तों ,मेरा नाम दिलीप है .आज जो काहानी अप लोगो को बताने जा रहा हु ,वोह एकदम सच्ची है ,पर नाम और पात्र बदल दिया गया है काहानी कुछ इस तरह है ,पहेले में आप लोगो को अपने बारे में थोड़ी जानकारी दे दूँ ।मेरी लम्बाई कुछ 51/2 फिट है और मेरी उम्र 24 साल है। दिखने में गोरा हूँ और लण्ड की लम्बाई 8 इंच है और चौराई में ३ इंच है.यह बात अभी फेब्रुअरी की है। मेरी बोहोत दूर की एक अंकल मेरे साथ व्हाट्स अप्प में मिले एक दिन उनका मेसेज आया- फिर हम लोगो की रोज बात होने लगी थी वो हमारे शेहेर में नये  आये थे.उनके घर में वो दो लोग ही थे अंकल और आंटी ।अंकल ने अपनी उम्र 40 और आंटी की उम्र 38 साल बताई एक दिन मेने उनसे पूछा अंकल आपके बच्चे नहीं है तो उन्होंने कहा नहीं ।फिर उन्होने खुद ही मुझे पूरी बात बताई – मैं बहुत दुखी हूँ सेक्स की परेशानी को लेकर, बहुत इलाज करवाया पर डॉक्टर कहते हैं कि मैं बाप नहीं बन सकता यह कहकर वो रोने लगे । फिर उन्होंने मुझसे कहा क्या आप मेरी मदद कर सकते है ।मेने कहा जी कहिये में आपकी क्या मदद् कर सकता हूँ ।उन्होंने कहा -क्या आप मेरी पत्नी के साथ सम्भोग करके मुझे बाप बनने का सुख दे सकते हो में आपका यह एहसान कभी नहीं भूलूंगा अगर आप चाहो तो में आपको इसके बदले में पैसे भी दे सकता हूँ।आप ये स्टोरी 99हिंदी सेक्स स्टोरी डोट कम पे पढ़ रहे है.

मेने कहा अगर आपकी पत्नी को कोई परेशानी नहीं हो तो में तैयार हूँ।मेरी बात सुन कर वो बहुत खुश हुए उन्होंने कहा मेरी पत्नी तो तैयार है फिर मेने आंटी से भी बात की।। फिर अंकल ने कहा में और मेरी पत्नी एक हफ्ते बाद देल्ही आ रहे है और आपको यह काम वही करना है मेने कहा नही में यह काम घर में नहीं होटल में करूँगा वो अपने किसी काम से मेरे घर के पास आ रहे थे ।मेने कहा आप अपनी पत्नी को हमारे घर में छोड़ जाना और आप अपना काम के सिनसिले में कुछ दिन बहार रहेना वो राजी हो गया।फिर उसने मुझे आंटी का व्हाट्स अप्प नंबर दिया।फिर हमारी बात व्हाट्स अप्प पर होने लगी ।वही उसने मुझे अपनी पत्नी की फोटोज दिखाई और उसकी और जैसे ही वो मेरे घर आये पत्नी ने भी मेरी फ़ोटो देखी उसने मुझे अपने सेक्स की दो वीडियो बनाकर की भेजी ।ऐसे ही एक हफ्ता गुजर गया उन्होंने मुझे कॉल किया मेने कहा आप यहाँ पे आ जाओ शाम को 8 बजे वो उधर आ गए . उसने मुझे फिर कॉल किया तो मेने उसे एक होटल का नाम बताया वो हॉटेल मेरे एक दोस्त का था मेने कहा आप उसमे एक रूम ले लो में सुबह वहां पहुँच जाऊंगा।उसने कहा ठीक है ।सुबह दस बजे में वहां पहुच गया और में उन अंकल आंटी से मिला अंकल ने मुझसे कहा ये तुम्हारे साथ यहाँ छय दिन तक रहेंगी तुम अपना काम अच्छे से करना छय दिन काफी है ।इस काम के लिए ।फिर अंकल कहने लगे अब में डेल्ही जा रहा हूँ और छय दिन बाद वापस आऊंगा ।फिर अंकल वहां से रवाना हो गए।

फिर मेने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और आंटी के पास जाकर बैठ गया आंटी ने साडी पहनी थी, में आंटी से बात करने लगा मैंने आंटी की जांघ पर हाथ रख दिया, और में उनसे बाते करते जा रहा था और उनकी साडी के ऊपर से ही उनकी जांघ को सहलाने लगा | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |मेने आंटी से कहा आंटी में आपको सेक्स का पूरा मज़ा दूंगा और आपको मेरा पूरा साथ देना होगा।आंटी ने हां में सर हिलाया। यह कहते ही आंटी ने मुझे बाहों में भर लिया और फिर हमारे मुँह जुड़ गये कभी उनकी जीभ मेरे मुँह में जाती तो कभी मेरी जीभ उनके मुँह में!

इसके साथ ही उनके हाथ मेरी बेल्ट पर पड़े, उसने मेरी बेल्ट खोल दी और पेंट के हुक खोलने की कोशिश कर रही थी। उन्हें देखते ही मुझे नशा हो गया, मैंने उसके स्तनों को ब्रा के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया और ऐसे ही लिपटे हुए हम दोनो पलंग तक पहुँचे।फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी ब्लाउज के अंदर डालकर उनके बूब्स दबाना शुरू किया, वाऊं क्या सॉफ्ट बूब्स थे उनके? मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने धीरे-धीरे उनकी साड़ी उतार दी, अब वो सिर्फ़ लाल कलर की ब्रा और पेंटी में थी, क्या ग़ज़ब लग रही थी वो? में बता नहीं सकता. दोस्तों आप खुद ही कल्पना कर लो कि गोरा बदन, लाल कलर की ब्रा और पेंटी में कैसा दिखता है? ये देखकर मेरा अंदर का जानवर जाग गया और में सीधा उनकी ब्रा का हुक खोलकर उनके बूब्स पर टूट पड़ा.

फिर में पागलों की तरह उनके बूब्स को दबा रहा था, चूस रहा था और काट भी रहा था, में इतना ज़ोर- ज़ोर से ये सब कर रहा था कि उनकी साँसे एकदम से तेज़ हो गई और वो आआआहह उूउऊहह आआअहह की आवाज़ें निकालने लगी और कहने लगी कि दबाओ और ज़ोर से दबाओ. ये सुनकर में और पागलों की दबाने लगा, चूसने लगा और उनके बूब्स के साथ बच्चो जैसे खेलने भी लगा. उनके बूब्स दबाने में क्या मजा आ रहा था? ये सिलसिला 10 मिनट तक जारी रहा और वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि जब मैंने अपना एक हाथ उनकी पेंटी के अंदर डाल दिया तो वो पेंटी उनके पानी से गीली हो गई थी.फिर मैंने झट से उनकी पेंटी को निकालकर फेंक दिया और उनकी चूत को बस देखता ही रह गया, क्या ग़ज़ब की चूत थी उनकी? आआहाआह एकदम क्लीन शेव, पिंक कलर की चूत और ऊपर से इतनी गर्म थी कि क्या बताऊँ? ये देखते ही में उस पर टूट पड़ा और पागलों की तरह उनकी चूत को चाटने लगा और अपने दोनों हाथों से उनके बूब्स भी दबाने लगा. वो तो सीधा सातवें आसमान पर पहुँच गयी थी और इतनी आवाज़ें निकाल रही थी कि जैसे कोई पॉर्न स्टार हो, आआआआआहह आआअहह उउऊहह आआआआअ आआहह.आप ये स्टोरी 99हिंदी सेक्स स्टोरी डोट कम पे पढ़ रहे है.

मैंने उनकी चूत चाट-चाट कर उनको इतना मदहोश कर दिया था कि उन्हें होश ही नहीं था और चूत चाटते-चाटते उस समय ही उनका पानी पूरा मेरे मुँह में ही निकल गया और उस समय में भी इतना मदहोश था कि में पूरा पानी पी गया. फिर वो बोलने लगी कि मेरे राजा अब और मत तड़पाओ इस प्यासी चूत को, अब डाल भी दो इसे अंदर, लेकिन में नहीं माना और अब मेरी बारी थी.फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और कहा कि अब मेरा लंड चूसो तो वो मना करने लगी, लेकिन जैसे ही उसकी नज़र मेरे 8 इंच के लंड पर पड़ी तो वो सीधे उस टूट पड़ी और पोर्न स्टार की तरह लॉलीपॉप समझकर चूसने लग गयी और जैसे ही उसने मेरे लंड को मुँह में लिया तो में तो पागल सा हो गया. मुझे ऐसा लग रहा था कि में सातवें आसमान में हूँ, अब मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है? लेकिन मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.आप ये स्टोरी 99हिंदी सेक्स स्टोरी डोट कम पे पढ़ रहे है.

सच दोस्तों जो मज़ा लड़की से अपना लंड चुसवाने में है, वो मज़ा किसी लड़की को चोदने में भी नहीं है. वो करीब 8 मिनट तक मेरा लंड चूसती रही और वो इतनी पागलों की तरह चूस रही थी कि मुझसे कंट्रोल ही नहीं हो रहा था और मेरा स्पर्म निकल गया और उसने भी मज़े से मेरा पूरा पानी पी लिया. अब हम थक गये थे तो 5 मिनट तक हम ऐसे ही पड़े रहे और 5 मिनट के बाद उसने मेरा फिर से चूसकर खड़ा कर दिया और में उसकी चूत को चाटकर उसे गर्म करने लगा. फिर करीब 10 मिनट में उससे रहा नहीं गया और वो ज़ोर-ज़ोर से साँस लेते हुए कहने लगी डाल दो अंदर.

फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रखा और अंदर बाहर करने लगा, लेकिन मेरा लंड थोड़ा ही अंदर जा रहा था. तब मुझे एहसास हुआ कि या तो उनके पति का लंड छोटा ही होगा तो इसलिए संतुष्ट नहीं कर पाते है या ये लंड की बहुत प्यासी है. फिर मैंने देर ना करते हुए फिर एक ज़ोर का झटका मारा तो मेरा आधा लंड अन्दर घुस गया तो वो चिल्ला उठी, निकाल दो बहुत दर्द हो रहा है.

फिर मैंने लंड बाहर निकाला और 1 मिनट के बाद फिर से मैंने एक ज़ोर का झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत को फाड़ते हुए अंदर चला गया और में सीधा उनको किस करने लगा ताकि उनकी आवाज़ बाहर ना आए. अब मुझे पता था कि वो चिल्लायेगी और उनकी आँखों से आँसू निकल आए. फिर थोड़ी देर तक हम दोनों शांत रहे. उन्हें बहुत दर्द हो रहा था, तभी उन्होंने कहा कि उनके पति का लंड बहुत छोटा है और वो 5 मिनट में ही झड़ जाते है और वो ठीक से सेक्स भी नहीं करते, संतुष्ट करना तो बहुत दूर की बात है.

फिर रात को वो थके हुए रहते है तो इसलिए सेक्स भी नहीं करते है, वो महीने में मुश्किल से 1 या 2 बार ही सेक्स करते है. फिर मैंने उनसे कहा कि अब टेन्शन मत लो जब तक में यहाँ हूँ, जब भी तुम्हारा मन करे में तुम्हारे साथ सेक्स करूँगा, ये कहकर मैंने उनको भरोसा दिलाया. अब उनका दर्द भी कम होने लगा था तो मुझमें और जोश आ गया. फिर में उनके पैरों को मेरे कंधो पर रखकर ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाता गया, अब वो भी खूब मज़े ले रही थी, आआहह चोदो मुझे, जी भरकर चोदो मुझे, आज से में सिर्फ़ तुम्हारी हूँ, जितना मर्ज़ी हो चोदना, लाल कर दो मेरी चूत को. ये सुनकर मेरा जोश और बड़ गया और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

फिर 5 मिनट के बाद मैंने उनको डाईनिंग टेबल के सहारे इस तरह किया कि उनकी बॉडी टेबल पर लेटी हुई थी और पैर ज़मीन पर थे. फिर में उनको उस पोज़िशन में पागलों की तरह चोदता रहा. फिर करीब 10 मिनट के बाद मेरा निकलने वाला था तो मैंने कहा कि मेरा निकलने वाला है. फिर उन्होंने कहा कि अंदर ही छोड़ दो में सब संभाल लूँगी. फिर मैंने अपना पूरा पानी उनके अंदर ही छोड़ दिया. अब हम दोनों थके हुए एक दूसरे की बाहों में लेटे हुए थे. उसके बाद मैंने उनको बहुत बार अलग-अलग स्टाईल में चोदा. 

अब में दिनभर उसके घर में ही रहता था,  अगले दिन सुबह उठा और मई नहाने चला गया ,उसके बाद हम दोनों मिलकर कुछ ब्रेक फ़ास्ट किया .और सोचा फिर से चालू हो जाये क्यों की ऐसा मौका जिंदगी में बोहोत कम मिलता है और हमार पास खली और 5 दिन था ,पता भी नहीं था एक बार अंकल को अपना बच्चा मिलनेके बाद वोह मुझे और आंटी को मिलने भी नहीं देगा .

मई आंटी को फिर से बिस्तर में लेगेया और उसे सहलाने लगा, उसका बूब्स दबाया, उसकी चूत को चाटा, फिर उसकी चूत में उंगली की.फिर उसने भी मेरा लंड पकड़कर हिलाया, फिर चूसा. फिर मैंने उसके पूरे कपड़े खोल दिए और उसे चोदने लगा, तो अब वो जोर जोर से चिल्लाने लगी तो मई म्यूजिक प्लेयर चला दिया ताकि बेडरूम के बाहर कुछ सुनाई न दे. अब हम हमारा काम ख़त्म करके एक साथ सोए हुए थे, फिर थोड़ी देर के बाद में उठकर चला गया और फिर आके आंटी के बगल में सो गया.ऐसा सिनसिला पूरा दिन और रात तक चलता रहा.हमारा कोई काम ज्यादा नहीं था ,होटल में से खाना आरहा था और बिल भी मुझे नहीं देना पड़ रहा था. फिर सुबह होते ही आंटी ने मेरे साथ बात किया और बोला कि आज चलो कई घूम के आते है .तो आंटी सेहर में नयी थी इसीलिए मई उसको शौपिंग मॉल में लेगेया और पूरा दिन तक वोह मस्ती मजाक और हस्ते रही .इससे आंटी का मूड भी बन गया और मेरा भी .आप ये स्टोरी 99हिंदी सेक्स स्टोरी डोट कम पे पढ़ रहे है.

इसी तरीके से आंटी ने मुझे छटी दिन की सुबह बताई की वोह प्रेग्नंट है और अंकल को भी ये खबर बता दिया .अंकल बोहोत ही खुश हुआ और आंटी से मिलने अगेया जल्दी ही .अंकल का काम तो ख़तम हो गया था अब वोह आंटी को मेरे से सारे जिंदगी भर के लिए ले जारहे थे.पर किस्मत में येही लिखा था और क्या करे .पर वोह 6 दिन मई कभी भूल नहीं पाउँगा .

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धन्यबाद …………

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